नौटियाल आ. (2026) “श्री गंगा जी का प्रदुर्भाव एवं भागीरथी ही गंगा, नाम की स्पष्टता”, Journal of Social Review and Development, 5(Special Issue 3), pp. 42–45. doi: 10.64171/JSRD.5.S3.42-45.